वसुंधरा ताल में हिमनद झील पूर्व चेतावनी प्रणाली: उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2026
वसुंधरा ताल हिमनद झील पूर्व चेतावनी प्रणाली (Glacial Lake Early Warning System) उत्तराखंड में हिमनद झीलों से उत्पन्न संभावित अचानक बाढ़ के खतरे की निगरानी करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्रणाली चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित वसुंधरा ताल के जलस्तर, मौसम, बर्फ और आसपास की भू-गतिविधियों से संबंधित आंकड़े एकत्र करती है।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के अनुसार, इस प्रणाली की स्थापना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह पहल UKPSC, UKSSSC, RO/ARO, पटवारी, लेखपाल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
परीक्षा उपयोगिता: उत्तराखंड करेंट अफेयर्स | आपदा प्रबंधन | पर्यावरण | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
1. वसुंधरा ताल पूर्व चेतावनी प्रणाली: मुख्य तथ्य
| बिंदु | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| झील का नाम | वसुंधरा ताल (Vasundhara Tal) |
| जिला | चमोली, उत्तराखंड |
| प्रणाली | हिमनद झील पूर्व चेतावनी प्रणाली (Glacial Lake Early Warning System) |
| मुख्य उद्देश्य | संभावित GLOF जोखिमों की निगरानी और समय पर चेतावनी में सहायता |
| समन्वयकारी संस्था | उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) |
| प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान | केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI), रुड़की तथा वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान (WIHG), देहरादून |
| डेटा संचार | इरिडियम उपग्रह संचार तकनीक |
| ऊर्जा व्यवस्था | सौर पैनल और बैटरी बैकअप |
| सामान्य डेटा प्रेषण | प्रत्येक 2 घंटे में |
| आधिकारिक अपडेट | 14 अक्टूबर 2026 को USDMA ने पहले चरण की सफलता की जानकारी दी। |
आधिकारिक स्रोत: उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) की प्रेस विज्ञप्ति
2. GLOF क्या है?
GLOF का पूरा नाम Glacial Lake Outburst Flood है। हिंदी में इसे हिमनद झील के अचानक फटने से उत्पन्न बाढ़ कहा जा सकता है। जब हिमनद से बनी झील का पानी प्राकृतिक अवरोध के टूटने, कमजोर होने या अन्य परिस्थितियों के कारण अचानक बाहर निकलता है, तो नीचे की ओर तेज बहाव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
GLOF के संभावित कारण
- झील के आसपास बर्फ या चट्टानों के अवरोध का कमजोर होना।
- भूस्खलन या हिमस्खलन से झील में अचानक बड़ी मात्रा में सामग्री गिरना।
- हिमनद के पिघलने और अन्य परिस्थितियों से झील के जलस्तर में बदलाव।
- प्राकृतिक अवरोध की संरचना में परिवर्तन।
3. वसुंधरा ताल में कौन-कौन से सेंसर लगाए गए हैं?
USDMA की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, झील और आसपास के क्षेत्र में मौसम, जलस्तर, बर्फ तथा भू-गतिविधियों की निगरानी के लिए अलग-अलग सेंसर लगाए गए हैं।
| सेंसर/उपकरण | मुख्य कार्य |
|---|---|
| ऑल-इन-वन मौसम सेंसर | हवा की गति और दिशा, वर्षा, सौर विकिरण, वायु तापमान और वायुदाब से संबंधित आंकड़े मापना। |
| फ्लोटिंग एवं सबमर्ज्ड जलस्तर सेंसर | झील के जलस्तर में होने वाले बदलाव की निगरानी। |
| टिल्ट सेंसर | उपकरण या आधार में झुकाव से संबंधित बदलाव मापना। |
| एक्सेलेरोमीटर | कंपन और त्वरण से संबंधित गतिविधियों का पता लगाने में सहायता। |
| स्नो डेप्थ सेंसर | बर्फ की गहराई मापना। |
| तापमान सेंसर | बर्फ की सतह के नीचे अलग-अलग गहराइयों और झील की सतह के तापमान की निगरानी। |
| हिमस्खलन निगरानी के अतिरिक्त सेंसर | हिमस्खलन से संबंधित गतिविधियों की निगरानी में सहायता। |
4. इरिडियम उपग्रह संचार तकनीक का उपयोग क्यों?
वसुंधरा ताल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इसलिए सेंसरों से प्राप्त आंकड़ों को संबंधित निगरानी केंद्रों तक भेजने के लिए Iridium Satellite Communication तकनीक का उपयोग किया गया है।
- सेंसरों से प्राप्त आंकड़े CBRI, रुड़की और USDMA के डैशबोर्ड तक भेजे जाते हैं।
- सामान्य परिस्थितियों में डेटा प्रत्येक दो घंटे में भेजा जाता है।
- आपात स्थिति में निर्धारित दो घंटे के अंतराल की प्रतीक्षा किए बिना तत्काल डेटा भेजने की व्यवस्था है।
- इससे असामान्य परिस्थितियों की पहचान और संबंधित अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने में सहायता मिल सकती है।
5. सौर ऊर्जा और बैटरी बैकअप
दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में बिजली की नियमित आपूर्ति कठिन होने के कारण प्रणाली में सौर पैनल और बैटरी की व्यवस्था की गई है। USDMA की प्रेस विज्ञप्ति में 280 Ah क्षमता की बैटरी और पर्याप्त धूप नहीं मिलने पर लगभग 10 दिनों के बैकअप का उल्लेख है। वास्तविक बैकअप मौसम, ऊर्जा खपत और उपकरणों की परिचालन स्थिति पर निर्भर कर सकता है।
6. वसुंधरा ताल की भौगोलिक जानकारी
USDMA की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वसुंधरा ताल की अनुमानित गहराई 38.50 मीटर, चौड़ाई लगभग 600 मीटर और लंबाई लगभग 900 मीटर बताई गई है। ये आंकड़े इस विषय से संबंधित परीक्षा नोट्स में महत्वपूर्ण हैं।
- राज्य — उत्तराखंड
- जिला — चमोली
- गहराई — लगभग 38.50 मीटर
- चौड़ाई — लगभग 600 मीटर
- लंबाई — लगभग 900 मीटर
7. किन संस्थाओं ने योगदान दिया?
- USDMA: अभियान का समन्वय, आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता और संचार उपकरणों की व्यवस्था।
- CBRI, रुड़की: केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान; वैज्ञानिक एवं तकनीकी योगदान।
- WIHG, देहरादून: वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान; हिमालयी भूविज्ञान और वैज्ञानिक अध्ययन से संबंधित योगदान।
- SDRF: राज्य आपदा प्रतिवादन बल।
- NDRF: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल।
- ITBP: भारत-तिब्बत सीमा पुलिस; दुर्गम क्षेत्र में अभियान के लिए सहयोग।
8. उत्तराखंड के लिए यह प्रणाली क्यों महत्वपूर्ण है?
- हिमनद झीलों और आसपास के प्राकृतिक परिवर्तनों की नियमित निगरानी में मदद।
- संभावित GLOF जोखिम के संकेतों का समय रहते आकलन करने में सहायता।
- उच्च हिमालयी क्षेत्रों में आपदा तैयारी और वैज्ञानिक निगरानी को मजबूत करना।
- दूरस्थ क्षेत्र से डेटा संबंधित निगरानी केंद्रों तक पहुंचाना।
- आपदा प्रबंधन एजेंसियों को निर्णय लेने के लिए अधिक उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराना।
9. UKPSC/UKSSSC के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- वसुंधरा ताल उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है।
- GLOF का पूरा नाम Glacial Lake Outburst Flood है।
- परियोजना का समन्वय USDMA द्वारा किया गया।
- प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान CBRI, रुड़की और WIHG, देहरादून हैं।
- इरिडियम उपग्रह संचार तकनीक का उपयोग डेटा भेजने के लिए किया गया।
- सामान्य परिस्थितियों में डेटा प्रत्येक दो घंटे में भेजा जाता है।
- सौर पैनल और बैटरी दूरस्थ क्षेत्र में ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।
- SDRF, NDRF और ITBP ने अभियान में सहयोग किया।
10. महत्वपूर्ण MCQ अभ्यास
नीचे दिए गए प्रश्न इस विषय के तथ्यों पर आधारित अभ्यास प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर खोलने के लिए “उत्तर और व्याख्या देखें” पर क्लिक करें।
प्रश्न 1. उत्तराखंड की हिमनद झील पूर्व चेतावनी प्रणाली किस झील में स्थापित की गई है?
(A) केदारताल
(B) वसुंधरा ताल
(C) सतोपंथ ताल
(D) देवरिया ताल
उत्तर और व्याख्या देखें
यह झील उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। यहां सेंसर आधारित पूर्व चेतावनी प्रणाली स्थापित करने का पहला चरण पूरा किया गया।
प्रश्न 2. GLOF का पूरा नाम क्या है?
(A) Global Lake Observation Framework
(B) Glacier Level Operating Facility
(C) Glacial Lake Outburst Flood
(D) General Landslide Observation Force
उत्तर और व्याख्या देखें
यह हिमनद झील से अचानक बड़ी मात्रा में पानी निकलने के कारण उत्पन्न बाढ़ को कहा जाता है।
प्रश्न 3. वसुंधरा ताल पूर्व चेतावनी प्रणाली का समन्वय किस संस्था ने किया?
(A) भारतीय मौसम विज्ञान विभाग
(B) उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
(C) भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
(D) राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण
उत्तर और व्याख्या देखें
USDMA ने राष्ट्रीय GLOF जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत अभियान का समन्वय किया।
प्रश्न 4. वसुंधरा ताल में सेंसरों से प्राप्त आंकड़ों को डैशबोर्ड तक पहुंचाने के लिए किस संचार तकनीक का उपयोग किया गया?
(A) ब्लूटूथ
(B) केवल मोबाइल नेटवर्क
(C) इरिडियम उपग्रह संचार
(D) ऑप्टिकल फाइबर
उत्तर और व्याख्या देखें
उच्च हिमालयी क्षेत्र में सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने के कारण उपग्रह संचार तकनीक का उपयोग किया गया।
प्रश्न 5. सामान्य परिस्थितियों में वसुंधरा ताल के सेंसर कितने अंतराल पर डेटा भेजते हैं?
(A) प्रत्येक 15 मिनट
(B) प्रत्येक 30 मिनट
(C) प्रत्येक 2 घंटे
(D) प्रत्येक 24 घंटे
उत्तर और व्याख्या देखें
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में डेटा प्रत्येक दो घंटे में CBRI और USDMA के डैशबोर्ड पर भेजा जाता है। आपात स्थिति में तत्काल डेटा भेजने की व्यवस्था है।
प्रश्न 6. वसुंधरा ताल प्रणाली में कौन-सा उपकरण बर्फ की गहराई मापने में मदद करता है?
(A) स्नो डेप्थ सेंसर
(B) केवल एक्सेलेरोमीटर
(C) उपग्रह नेविगेशन रिसीवर
(D) केवल वायुदाब सेंसर
उत्तर और व्याख्या देखें
स्नो डेप्थ सेंसर बर्फ की गहराई मापता है।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-से वैज्ञानिक संस्थान इस अभियान से जुड़े थे?
(A) CBRI, रुड़की और WIHG, देहरादून
(B) केवल ISRO
(C) केवल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग
(D) केवल भारतीय वन सर्वेक्षण
उत्तर और व्याख्या देखें
केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 8. वसुंधरा ताल प्रणाली को ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए किस व्यवस्था का उपयोग किया गया?
(A) केवल डीजल जनरेटर
(B) सौर पैनल और बैटरी
(C) केवल पवन ऊर्जा
(D) जलविद्युत संयंत्र
उत्तर और व्याख्या देखें
दूरस्थ क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति के लिए सौर पैनल और बैटरी बैकअप की व्यवस्था की गई है।
प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सा बल वसुंधरा ताल में प्रणाली स्थापित करने के अभियान में सहयोगी था?
(A) SDRF
(B) NDRF
(C) ITBP
(D) उपर्युक्त सभी
उत्तर और व्याख्या देखें
SDRF, NDRF और ITBP ने दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में अभियान के लिए सहयोग दिया।
प्रश्न 10. वसुंधरा ताल में पूर्व चेतावनी प्रणाली का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
(A) पर्यटन को बढ़ावा देना
(B) झील में मछली उत्पादन बढ़ाना
(C) संभावित GLOF जोखिमों की निगरानी और समय पर चेतावनी में सहायता करना
(D) झील की गहराई को कम करना
उत्तर और व्याख्या देखें
सेंसरों से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से संभावित खतरों के संकेतों की पहचान करने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने में मदद मिलती है।
11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
वसुंधरा ताल कहां स्थित है?
वसुंधरा ताल उत्तराखंड के चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है।
GLOF का अर्थ क्या है?
GLOF का अर्थ Glacial Lake Outburst Flood है, यानी हिमनद झील से अचानक पानी निकलने के कारण उत्पन्न बाढ़।
इरिडियम उपग्रह संचार का उपयोग क्यों किया गया?
दुर्गम उच्च हिमालयी क्षेत्र में सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध न होने के कारण सेंसरों के डेटा को निगरानी केंद्रों तक भेजने के लिए इसका उपयोग किया गया।
इस प्रणाली में डेटा कितनी बार भेजा जाता है?
सामान्य परिस्थितियों में प्रत्येक दो घंटे में डेटा भेजा जाता है। आपात स्थिति में तत्काल डेटा भेजने की व्यवस्था भी है।
वसुंधरा ताल प्रणाली से कौन-सी परीक्षाओं के लिए प्रश्न बन सकते हैं?
इस विषय से UKPSC, UKSSSC, RO/ARO, पटवारी, लेखपाल तथा अन्य उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षाओं में आपदा प्रबंधन, पर्यावरण, विज्ञान और उत्तराखंड करेंट अफेयर्स से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
12. आधिकारिक एवं संदर्भ स्रोत
- उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) — वसुंधरा ताल में पूर्व चेतावनी प्रणाली के पहले चरण की सफलता
- ThePrint Hindi — वसुंधरा ताल से हिमनद झील निगरानी एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली की शुरुआत
- The Indian Express — हिमनद झील पूर्व चेतावनी प्रणाली का महत्व
अंतिम अपडेट: अक्टूबर 2026। परीक्षा की तैयारी के लिए तथ्यों को संबंधित आधिकारिक स्रोत से सत्यापित करें। इस लेख में दिए गए MCQ अभ्यास हेतु तैयार किए गए हैं।