uttarakhand gk quiz – 2

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जौनसार भाबर का प्रथम अंग्रेज प्रशासक था ?

  • कप्तान ब्रिच
  • रॉबर्टसन
  • बैटन
  • एम रोम

कप्तान ब्रिच

चकराता क्षेत्र जौनसारी जनजाति के प्रभाव में है, जिसे जौनसार बावर भी कहा जाता है। यह क्षेत्र इस जनजातीय क्षेत्र के मध्य भाग का हिस्सा है। कप्तान ब्रिच ने 1816-17 के दौरान यहाँ पहली बस्ती बसाई। 1866 में कर्नल ह्यूम द्वारा ब्रिटिश सेना के लिए एक छावनी स्थापित की गई, और 1869 में ब्रिटिश सैनिकों ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। चकराता अब भारतीय सेना की छावनी का हिस्सा है और यह क्षेत्र ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले दृश्य प्रदान करता है।

करास का अर्थ है ?

  • जी न लगने की स्थिति
  • पेट में तेज चुभने वाला दर्द
  • दम घुटने की स्थिति
  • अकेलापन

पेट में तेज चुभने वाला दर्द

‘बुरांस की पीड़’ कहानी संग्रह लिखी ?

  • अबोध बंधु बहुगुणा
  • मोहन लाल नेगी
  • दुर्गा प्रसाद घिल्डियाल
  • भगवती प्रसाद जोशी

मोहन लाल नेगी

रम्माण मनाया है ?

  • नैनीडांडा, पौड़ी
  • बेतालघाट , नेनीताल
  • जोशीमठ , चमोली
  • चकराता , देहरादून

जोशीमठ , चमोली

उत्तराखंड के चमोली ज़िले के सलूर गांव में हर साल अप्रैल के आखिर में रम्माण मनाया जाता है. यह त्योहार स्थानीय देवता भूमियाल देवता के सम्मान में मनाया जाता है. रम्माण उत्सव को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है. यह त्योहार 500 साल पुराना है और इसमें रामायण से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया जाता है. इस त्योहार में मुखौटे पहनकर और बिना बोले नाचने वाले लोग शामिल होते हैं

1857 की क्रांति के समय टिहरी के शासक कौन थे ?

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  • सुदर्शन शाह
  • भवानी शाह
  • प्रताप शाह
  • प्रद्युम्न शाह

सुदर्शन शाह

भारत का प्रथम आध्यात्मिक इको जोन स्थापित किया जा रहा

  • फूलो की घाटी में
  • मसूरी में
  • जागेश्वर धाम में
  • नेनीताल में

जागेश्वर धाम में

फूलदेई पर्व किस माह से मनाना प्रारंभ किया जाता है?

  • फाल्गुन माह
  • चैत्र माह
  • बैशाख माह
  • कार्तिक माह

चैत्र माह

उत्तराखंड में चैत्र मास की संक्रांति अर्थात पहले दिन से ही बसंत आगमन की खुशी में फूलों का त्योहार फूलदेई मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर देवभूमि के लोग प्राचीन समय से ही अपने ईष्ट देवी-देवताओं, मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करते आए हैं।

उत्तराखंड में मोबाइल न्यायालय कब प्रारंभ हुए ?

  • 2018
  • 2019
  • 2020
  • 2021

2021

राजुला मालूशाही की गाथा का भाव है

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  • घृणा
  • प्रेम
  • दुःख
  • क्रोध

प्रेम

कुमाऊं के पहले राजवंश कत्यूर से ताल्लुक रखने वाले मालूशाही जौहार के शौका वंश की राजुला के प्रेम में इस कदर दीवाने हुए कि राज-पाट छोड़ संन्यासी हो गए। उनके प्रति राजुला की चाहत भी इस कदर थी कि उसने उनसे मिलने के लिए नदी, नाले, पर्वत किसी बाधा की परवाह नहीं की। कत्यूरों की राजधानी बैराठ (वर्तमान चौखुटिया) में थी।

उत्तराखंड में वृक्ष मानव नाम से प्रसिद्ध है ?

  • चंडी प्रसाद भट्ट
  • सुन्दर लाल बहुगुणा
  • गोविन्द बल्लभ पन्त
  • विश्वेश्वर दत्त सकलानी

विश्वेश्वर दत्त सकलानी

किस मुगल बादशाह ने गंगा नदी के उदगम स्थल को ढूंढने के लिए गढ़वाल में एक सर्वेक्षण दल भेजा?

  • अकबर
  • जहाँगीर
  • शाहजहाँ
  • औरंगजेब

अकबर

1575 ई० में, सम्राट् अकबर के मनसबदार तथा काँठ-गोला के जागीरदार हुसैनखाँ टुकड़िया ने सिवालिक पहाड़ियों में छापा मारा। उसका सारा प्रयास ‘बसन्तपुर’ को लेने का था जो पूर्वा दूण का महत्त्वपूर्ण समृद्ध नगर था। अकबर ने उस लुटेरे गाजी के इस अकारण आक्रमण से अप्रसन्न होकर उसे दिल्ली बुला लिया। इसी काल में अकबर द्वारा एक अन्वेषक दल गङ्गा-स्रोत की खोज तथा अन्य जानकारी प्राप्ति के लिए गढ़राज्य में भेजा गया था।

कुमाऊँ जल संबंधी कानून लागू किये गए ?

  • 1874
  • 1917
  • 1919
  • 1940

1917

शेडयूल्ड डिस्ट्रिक्ट एक्ट 1874 के तहत ‘कुमाऊँ वाटर रुल्स 1917 स्नाकर अंग्रेजों ने पानी पर हस्तक्षेप की प्रक्रिया को और अधिक कड़ा किया। इन नियमों के अनुसार अब घराटों (पनचक्कियों) और सिंचाई नहरों के निर्माण के लिए स्थानीय राजस्व अधिकारियों की अनुमति आवश्यक कर दी गई थी। पेयजल को छोड़कर सिंचाई और घराटों का पानी सरकार के नियंत्रण में लाया गया। यह भी आवश्यक बना दिया गया कि गूलों और घराटों का निर्माण एक निश्चित प्रक्रिया के द्वारा ही किया जा सकेगा। कमिश्नर को यह अधिकार दे दिया गया कि यदि घराट से सिंचाई बाधित हो तो वह घराट को बन्द करने के बादेश दे सकता है। उसे गैरकानूनी घराटो को दंडित करने अथवा कर के लाने के अधिकार भी दे दिये गये। साथ ही जल सम्बन्धी विवादों के निपटारे का अधिकार स्थानीय राजस्व अधिकारियों को दिया गया। कुमाऊँ वाटर कल्स के जरिये पहली बार समुदायों के मान्यता प्राप्त परम्परागत अधिकारों को कानूनों अन्तर्गत लाया गया। सिंचाई और घराट की नहरों के निर्माण हेतु अधिकारियों की अनुमति सेना आवश्यक बना दिया गया। यह अनुमति तभी मिलती थी जब किसी कलक्टर को किसी ऐसे घराट को बन्द करने के अधिकार भी मिल गये, जो सिंचाई को बाधित कर रहा हो। उसे घराट का राजस्व तय करने उसे हे उपयोगकर्ता के हितों में कमी या व्यवधान न आये। इस नियमावली से पुनर्निर्धारित करने, बिना अनुमति के चल रहे घराटों को समाप्त करने, दण्ड तय करने तथा राजस्व के बकाये को उगाहने की शक्ति भी दे दी गई।

1917 में हल्द्वानी में आयोजित कुमाऊँ परिषद के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता जयदत्त जोशी ने की थी ?

  • सत्य
  • असत्य

असत्य

कुमाऊँ परिषद का पहला अधिवेशन 1917 में अल्मोड़ा में हुआ था। जिसकी अध्यक्षता जयदत्त जोशी ने की।

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